क्यों ज़रूरी है मोबाइल फ़ोन के लिए एंटी वायरस

स्मार्ट होते मोबाइल फोन पर साइबर हैकर्स की भी नज़र है, कोई वायरस के साथ तैयार है, तो कोई आपके फोन की सारी जानकारी चुराना चाहता है। मोबाइल में जब कंप्यूटर जैसे फीचर आ जाएं और जब आप उसमें बेहद अहम-अहम डेटा रखते हैं, तो वायरस के डर से आज़ादी बहुत ज़रूरी है। यहाँ हम मोबाइल को सेफ रखने के कुछ उपायों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं.

जसविंदर कौर रीन जुलाई 20, 2017 at 1:15

आज शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके पास एंड्राइड फ़ोन न हो और उसमें सबसे दुर्लभ यह है, कि उसमें इन्टरनेट न हो। इन्टरनेट का प्रयोग आजकल इतना आम हो गया है, कि एक छोटे से बच्चे को भी इंटनरेट की ज़रूरत महसूस होती है।

ऐसे में स्वाभाविक है, कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते करते ऐसे कई वेबसाइट की सर्फिंग करते हैं, जिसमे बहुत सारा ऐसा डाटा होता है, जो आपके एंड्राइड सिस्टम को ख़राब कर सकता है। हम बात कर रहे हैं वायरस, मालवेयर , कूकीज , कॅश फाइल्स जो आपके सिस्टम को स्लो ही नहीं करती, बल्कि उसमे से आपके पर्सनल डाटा को चोरी कर लेते हैं।

मोबाइल फ़ोन पे वायरस डिटेक्ट हुआ है

यह डाटा से बहुत सारे गैरकानूनी काम किये जा सकते हैं। इसका उपयोग ज़्यादातर ग़लत काम के लिए ही होता है। इसलिए इस सब से बचना बहुत ज़रूरी है।

एंड्राइड फ़ोन आपके पर्सनल कंप्यूटर से काफी अलग होते हैं। क्योंकि ज़्यादातर लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल प्रोफेशनल तरीकें से करते हैं, परंतु स्मार्ट फ़ोन को हम जैसे चाहे वैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी कारणवश कई बार हम ऐसी साइट्स को चलाते हैं, जिनसे वायरस आने के चान्सेस बहुत ज़्यादा रहते हैं।

एंड्राइड के जो सिक्योरिटी हेड है, उनकी अगर माने तो उनके मुताबिक जो लोगो के फ़ोन में एंटीवायरस पहले से होता है या जो लोग इसे डलवाते हैं, तो उसका कोई उपयोग नहीं हो पाता है या तो इससे फोन मेमोरी भर जाती है या फिर बैटरी लौ होता है।

एक मोबाइल फ़ोन में बैटरी कम है

इतना ही नहीं कई बार तो ऐसे एंटीवायरस भी होते हैं जो आपकी इम्पॉर्टेनट फाइल को भी खराब बता देते हैं। और अगर एक फ़ोन में दो एंटीवायरस डालें हुए हो, तो वह एक दूसरे की फाइल को ही वायरस बता देते हैं।

अब ऐसे में क्या किया जाये जिससे हमारा फ़ोन सुरक्षित रहे । क्योंकि एक बार वायरस आने के बाद हमारा पर्सनल डाटा तो चला ही जाता है ,उसके बावजूद भी फ़ोन स्लो और हैंग होने लग जाता है।अगर आपके फ़ोन में भी ऐसी ही दिक्कते आ रही है, तो आप एक पेड एंटीवायरस खरीद लें।

कास्परस्की इंटरनेट सिक्योरिटी फॉर एंड्राइड

फ्री में इंस्टॉल किया हुआ एंटीवायरस उतना कारगर नहीं होता है, जितना की खरीदा हुआ क्योंकि फ्री मिलने वाले एंटीवायरस में कई ऐसे फंक्शन नहीं होते है, जो हमारे स्मार्ट फ़ोन के लिए जरुरी है।
इसके अलावा अगर आप एंटीवायरस बिना डाले ही अपने फ़ोन को सुरक्षित करना चाहते है ,तो उसके लिए आप कुछ सेटिंग कर लें। जैसे फ़ोन की सिक्योरिटी में जाकर अननोन सोर्स से इंस्टालेशन ब्लॉक कर दें। अपने ब्राउज़र में जाकर हिस्ट्री को नियमित रूप से क्लियर करते रहें। कोई भी ऐसी साइट्स न चलाये, जिससे वायरस आने का ख़तरा हो। कैश और जंक फाइल्स को डिलीट करते रहें।

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