शहद तो जितना पुराना हो, बेहतर होता है, फिर शहद की शीशी पर एक्सपाइरी डेट क्यों होती है?

क्या एक्सपाइरी डेट के बाद भी शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं?

शालू मित्तल जून 12, 2018 at 2:15

जैसा कि आपने सुना होगा कि शहद जितना अधिक पुराना होता है, उतना ही अधिक गुणकारी और बेहतर होता है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि पुराना शहद अधिक फायदेमंद होने के बावजूद भी शहद की शीशी पर एक्सपायरी डेट या समाप्ति तिथि क्यों लिखी होती है?

आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर पुराना शहद गुणकारी होने के बावजूद भी शहद की शीशी पर एक्सपायरी डेट क्यों लिखी होती है।

शहद की शीशी पर एक्सपाइरी डेट क्यों होती है?

शहद की शीशी पर एक्सपाइरी डेट क्यों होती है?

शहद का एक खास गुण यह होता  है कि शहद  जितना अधिक पुराना होगा, उतना ही अधिक गुणकारी भी होगा। परन्तु जैसा कि आपने देखा होगा, जब भी हम कोई पेक्क्ड खाद्य पदार्थ बाजार से लेते हैं, तो उस पदार्थ पर उस खाद्य की समाप्ति तिथि या बेस्ट बाय डेट अवश्य लिखी होती है। परन्तु बहुत से खाद्य ऐसे भी होते हैं, जिन्हें बेस्ट बाय डेट के बाद भी उपयोग में लाया जा सकता है।

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यदि हम शहद को शीशी पर लिखी एक्सपायरी डेट के बाद उपयोग में लेते हैं तो शहद का तरल भाग या पानी वाष्पीकृत हो जाता है और शहद  क्रिस्टलाइज़ हो जाता है। इसके बाद यह रवेदार या कणयुक्त खाद्य जैसा दिखाई देने लगता है, जिसे लोग आमतौर पर शहद का खराब होना समझ लेते हैं।

परन्तु शहद की  क्रिस्टलाइज़ अवस्था आसानी से पुनः तरल शहद का रूप धारण कर सकती है, इसीलिए शहद की क्रिस्टलाइज़ अवस्था को शहद का खराब हो जाना मान लेना सर्वथा गलत है। शहद में शक्कर के गुण मौजूद होने के कारण समय के साथ-साथ शहद का रंग गहरा होने लगता है। इसका मतलब यह नहीं होता कि शहद खराब है।

शहद का रंग बदलना या क्रिस्टलाइज़ होना एक सामान्य अवस्था है, जिसमें शहद को खराब या नुकसानदेह समझकर फेंकना  नासमझी के अतिरिक्त कुछ नहीं है। ऐसा सभी तरह के शहद में नहीं होता, सामान्यतः बाजार से खरीदे हुए पैक्ड शहद में ही एक्सपायरी डेट के बाद ऐसा होने लगता है।

शहद

शहद को किसानों से सीधे ही खरीदा जाता है, परन्तु उस समय इस पर किसी तरह की कोई एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होती। लेकिन जब यह वाणिज्यिक बाज़ारों या सुपर मार्केट्स में बेचने के लिए लाया जाता है, तो वाणिज्यिक नियमों के अनुसार अन्य खाद्य पदार्थों की भांति शहद की शीशी पर भी बेस्ट बाय डेट लिखना अनिवार्य होता है। यह एक्सपायरी डेट मात्र उपभोक्ता को शहद की नवीनता बताती है।

अतः शहद का जीवन अनंत काल तक होता है। उस पर लिखी एक्सपायरी डेट मात्र एक वाणिज्यिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यह डेट देखकर या शहद की क्रिस्टलाइज़ अवस्था देखकर उसे खराब न समझें  क्योंकि शहद तो जितना अधिक पुराना होगा, उतना ही अधिक फायदेमंद होगा।

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