‘ खाने के तुरंत बाद पानी पीना चाहिये या नहीं ’ इस बात को लेकर काफी लंबे समय से चर्चा चली आ रही है। कई लोगों का मानना है, कि खाने के तुरंत बाद पानी पीने से पाचन क्रिया तेज़ हो जाती है, वही दूसरी ओर बहुतों का तर्क है, कि इससे खाने को ठीक से पचने में दिक्कत होती है। इस विषय को लेकर बहुत सारे शोध हुए हैं, जिनमें पाया गया है, कि खाने के फ़ौरन बाद पानी पीना हमारे लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है। इस बात को स्पष्ट रूप से समझने व समझाने के लिए कई तथ्यों को प्रस्तुत किया है। तो, चलिये जानते है, इस विषय के बारें में।

माना जाता है, कि खाने को पचने में सामान्यत: दो घंटें का समय लगता है। खाना भोजन-नलिका से होते हुए पेट में पहुँचता है, जहाँ पर ठोस व तरल पदार्थों के बीच निश्चित अनुपात होता, अगर हम खाने के तुरंत बाद पानी पीते हैं, तो यह अनुपात बिगड़ जाता है। इससे अमाशय का रस (गैस्ट्रिक जूस), जो खाने को पचाने के लिए एंजाइम का स्राव करता है, वो डाइलूट हो जाता है। इस कारणवश भोजन ठीक ढंग से पच नहीं पाता है और अपचित खाना हमारे लिए कई प्रकार की समस्याएं जैसे- एसिडिटी, सीने में जलन आदि पैदा कर देता है। इस अपचित खाने की फर्मन्टैशन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती, जिस कारण बहुत-से अनावश्यक पदार्थों का उत्पादन होता है।
• अपचित भोजन में मौज़ूद ग्लूकोस फैट में तब्दील होकर शरीर में जमा होने लगता है, जिससे इन्सुलिन का स्तर बढ़ जाता और शरीर डायबिटीज व मोटापे का समस्या से ग्रसित हो जाता है।

• यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोत्तरी हो जाती है, जिस कारण जोड़ों में दर्द व एड़ी, पैर, कलाई और कोहनी में सूजन एवं दर्द शुरू हो जाता है।
• कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (बेड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर में इज़ाफ़ा होना। इसके बढ़ने से नसों में रक्त के संचार में मुश्किलें उत्पन्न होने लगती है, जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और अगर इसे नियंत्रित न किया जाये, तो हार्ट अटैक का ख़तरा हो सकता है।

• बहुत कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन के स्तर में इज़ाफ़ा होने लगता है, जो बहुत ही ज़्यादा नुक़सानदायक होता है और जीवन संकट उत्पन्न कर सकता है।
• ट्राईग्लीसराइड के स्तर का बढ़ना, मस्तिष्क व ह्रदय तक रक्त पहुँचाने में परेशानी उत्पन्न करता और हार्ट अटैक व ब्रेन-स्ट्रोक की आशंका बढ़ा देता है।

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