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बुखार (वायरल फीवर) के लिए दादी माँ के घरेलू नुस्खे

मौसम बदलने के साथ ही वातावरण में बैक्टीरिया का संक्रमण सक्रिय हो जाता है। वातावरण में हुए इस परिवर्तन के कारण हमारे हमारे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली में भी परिवर्तन होता है। जिसके कारण शरीर में वायरल संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।

यदि घर में बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति हों, तो उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। किसी गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्ति वायरल संक्रमण से जल्दी संक्रमित हो जाते है।

यदि मौसम बदलने के साथ खाँसी, जुखाम, कफ, सिर दर्द, माँसपेशियों में दर्द, साँस की नली में सूजन, आँखे लाल हो जाना एवं आँखों में जलन होना आदि हो, तो ऐसे में बुखार होना स्वाभाविक है।

इस स्थिति में बुखार की दवा के साथ घरेलू उपचार बहुत कारगर साबित होतें हैं। आइये जाने इस लेख के माध्यम से वायरल बुखार से राहत पाने के घरेलू उपचार।

 

वायरल बुखार के उपचार के लिए दादी माँ के नुस्खे

 

तुलसी की पत्तियों का काढ़ा 

तुलसी की पत्तियों का काढ़ा चाय की तरफ दिन में तीन -चार बार पीने से वायरल संक्रमण के कारण हुए खाँसी, जुखाम एवं बुखार में राहत मिलती है।

तुलसी का काढ़ा बनाने की विधि :

दस लौंग का पाउडर, 25- 30 तुलसी की पत्तियाँ के साथ एक लीटर पानी में उबालने के लिए रखिये। पानी उबल कर आधा हो जाए, तो छानने के बाद गर्म हीं चाय की तरह पीने के लिए प्रयोग करिए।

तुलसी की पत्तियों मेंएंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण वायरल संक्रमण से राहत मिलती है। लौंग की तासीर गर्म होने के कारण कफ आसानी से बाहर निकल जाता है। इन से मिश्रित काढ़ा पीने से शरीर में पानी की मात्रा का संतुलन बना रहता है एवं बुखार जल्दी ठीक होती है।

➡ बार बार बुख़ार आना किसी और बीमारी का संकेत भी हो सकता है. सतर्क रहिए।

 

अदरक, हल्दी एवं काली मिर्च का काढ़ा

अदरक, हल्दी एवं काली मीर्च का काढ़ा पीने से वायरल संक्रमण में लाभ प्राप्त होता है। इस काढ़े को चाय की तरह दिन में तीन -चार बार पीना चाहिए। इससे वायरन संक्रमण के कारण साँस की नली की सूजन ठीक हो जाती है।

अदरक, हल्दी एवं काली मिर्च का काढ़ा बनाने की विधि:

सामग्री:
– अदरक का टुकड़ा-चार इंच
– कच्ची हल्दी का टुकड़ा: एक इंच
– काली मिर्च – बीस दाने

बनाने की विधि :

सभी सामग्री को कूट कर एक लीटर पानी में उबालिए। उबलने पर पानी की मात्रा आधी होने के बाद छान लीजिये। फिर चाय की तरह गर्म हीं पीने से वायरल संक्रमण से राहत मिलती है।

हल्दी एंटी बैक्टीरियल होने के कारण वायरल संक्रमण को दूर करती है। काली मिर्च की तासीर गर्म होने के कारण खाँसी – जुखाम में लाभ होता है। अदरक में सूजन को कम करने की क्षमता होती है तथा गले की खराश से भी राहत मिलती हैं।

➡ सर्दी ज़ुकाम के लिए काढ़ा बनाने का तरीका

कच्चे लहसुन का सेवन

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीफंगल गुण होते हैं। वायरल संक्रमण के कारण खाँसी, जुखाम होने पर कच्चे लहसुन की एक कलि दिन में दो बार चबा कर खाने से खाँसी एवं जुखाम में तुरंत राहत मिलती है।

ध्यान रहे कच्चे लहसुन का प्रयोग सुबह खाली पेट एवं रात में खाना खाने के तीन घंटे पहले या बाद में करने से लाभ प्राप्त होता है।

➡ लहसुन कैसे खाएं? जानिए लहसुन खाने का सही तरीक़ा

 

धनिया के बीज का काढ़ा

धनिया के बीज का काढ़ा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। जिससे वायरल संक्रमण में जल्दी ठीक हो जाता है।

धनिया के बीज का काढ़ा बनाने की विधि :

धनिया बीज – दो बड़े चम्मच
पानी – दो बड़े गिलास

इस मिश्रण को उबालने पर जब पानी की मात्रा आधी रह जाए, तो छान कर गर्म हीं चाय की तरह पीने से वायरल बुखार में राहत मिलती है।

➡ डेंगू में घटे प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने के घरेलु नुस्खे

Ritu Soni

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