आमतौर पर मानव शरीर पर कई तरह के निशान पाए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर पर बने प्रत्येक निशान का एक अलग मतलब होता है। इसी प्रकार आपके नाखूनों पर बने निशान भी आपके चरित्र, आपके भविष्य एवं आपके जीवन से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां देते हैं। कुछ लोगों के हाथों के नाख़ूनों […]
क्यों ब्राह्मण, जैन और अन्य कई समुदाय के लोग लहसुन नहीं खाते?
भोजन में स्वाद का तड़का लगाने वाला लहसुन औषधीय गुणों से भी परिपूर्ण है। हालांकि ब्राह्मण, जैन समेत अन्य कई समुदाय में लहसुन का सेवन वर्जित माना गया है। लहसुन प्राकृतिक तत्व के साथ- साथ एक औषधि भी है। यह भोजन के स्वाद को बढ़ाने का काम भी करता है। गुणों की खान होने के […]
वट सावित्री व्रत और पूजा – सम्पूर्ण विधि और जानकारी
भारतीय संस्कृति में ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना गया है। सनातन हिन्दू धर्म के अनुसार वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के द्वारा अपने पति की लम्बी उम्र के लिए किया जाता है। इस दिन प्रत्येक सुहागन महिला सोलह श्रृंगार कर हाथों में मेहँदी रचाती है और अपने सुहाग […]
पद्मिनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि
प्रत्येक वर्ष में 24 एकादशी आती हैं किंतु अधिमास में ये 26 हो जाती हैं और अधिमास की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। अधिमास के शुक्ल पक्ष में यह एकादशी आती है। पद्मिनी एकादशी अनेक प्रकार के पुण्यों को लिए हुए है। इस व्रत को करने से मनुष्य सभी प्रकार के वैभव को […]
हिन्दू धर्म, पूजा और रीति-रीवाज़ में रोली का इतना महत्व क्यों होता है?
हिन्दू धर्म रीती रिवाज़ों वाला धर्म है। हिन्दू रीती रिवाज़ों के पालन में कई पूजा सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। इन्हीं सामाग्रियों में से एक है रोली जिसका उपयोग काफी आम है। आइये आज हम जानते हैं कि आखिर रोली को हिन्दू धर्म के रीति रिवाज और पूजा में इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है। […]
विजय एकादशी का महत्व व व्रत विधि
विजय एकादशी फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी को कहते हैं। मनुष्य के जीवन हेतु यह सबसे महत्वपूर्ण एकादशी होती है, जो जीवन में जीत एवम खुशियों को लेकर आती है। यहां हम आपको विजय एकादशी के महत्व व व्रत करने की विधि के बारे में बताएंगे। इस व्रत में भगवान विष्णु की आराधना […]






