ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में भगवान को छप्पन भोग लगाया जाता है। वहां दर्शन करनेवालों को यही छप्पन भोग प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इस मंदिर में भगवान की मूर्ति भी अनोखी है। जगन्नाथ मंदिर में भगवान की मूर्तियाँ लकड़ी की बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन के भैरव मंदिर में शराब का प्रसाद […]
महाभारत में कर्ण का वध परशुराम के श्राप से नहीं, अपितु एक गौ हत्या के कारण मिले श्राप की वजह हुआ था
दानवीर कर्ण को अपने जीवन काल में एक नहीं, बल्कि दो श्राप मिले थे। पहला – जो उसे गुरु परशुराम ने दिया था। दूसरा श्राप एक गाय के मालिक ने दिया था, जिसकी मौत कर्ण के बाण से हुई थी। यह दूसरा श्राप कर्ण के लिए महाभारत के युद्ध में अंततः घातक साबित हुआ। महाराज भीष्म […]
सूर्य ग्रहण कब, क्यों और कैसे होता है?
प्राचीन काल में, जब सूर्य या चंद्र ग्रहण लगता था, तब यह माना जाता था कि राहू और केतू नाम के दो राक्षस सूरज और चाँद को निगल जाते हैं! इस कारण कभी सूरज तो कभी चाँद दिखाई देना बंद हो जाते हैं। जबकी खगोलशास्त्रियों ने इस धारणा को निर्मूल सिद्ध करते हुए ग्रहण का […]
कन्याकुमारी का मंदिर किसने बनवाया था? क्यों है इस मंदिर की इतनी मान्यता?
कहते हैं कि ईश्वर सर्वशक्तिमान है और वो इंसान की हर मनोकामना पूरी कर सकता है। लेकिन जब ईश्वर का धरती पर अवतरण होता है, तो मानव-कल्याण हेतु कभी-कभी उसे अपनी भी इच्छाओं का त्याग करना पड़ता है। ईश्वर की इसी दिव्यता और महानता को दर्शाता है कन्याकुमारी का मंदिर। कन्याकुमारी का मंदिर जुड़ा है […]
महर्षि पतंजलि कौन थे? – जिनके नाम पर बाबा रामदेव ने अपनी कंपनी का नाम रखा
महर्षि पतंजलि का परिचय : पतंजलि के जन्म के समय के विषय में विद्वानों में मतभेद है। कुछ विद्वानों के मतानुसार ये काशी में दूसरी शताब्दी में मौजूद थे। किम्वदंती के अनुसार इनका जन्म गोनार्द (कश्मीर) अथवा (गोंडा) में उत्तर प्रदेश में माना जाता है। बाद में ये उत्तर प्रदेश के काशी के नगरकूप में […]
जनवरी 2019 का हिन्दू कलेंडर: हिन्दू व्रत, पर्व और महत्वपूर्ण तिथियों की सूची
२०१९ की करिए शुभ शुरुआत सफला एकादशी के साथ। पद्म पुराण में युधिष्ठिर के एक प्रश्न के उत्तर में भगवान श्री कृष्ण ने कुछ यूं उत्तर दिया, “बड़े-बड़े यज्ञ अनुष्ठान से भी मुझे उतना संतोष नहीं प्राप्त होता, जितना एक एकादशी व्रत रखकर होता है।” १ जनवरी २०१९ को पड़ने वाली सफला एकादशी को कल्याणकारी […]






