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 बिंदी पहनने के पीछे है यह वैज्ञानिक कारण।

बिंदी या कुमकुम शरीर की सजावट का एक मुख्य हिस्सा है। जिसे माथे पर लगाया जाता है। बिंदी का हिंदू संस्कृति में बहुत महत्त्व है। 

हिंदू मान्यता के अनुसार,

भौहों के बीच स्थित माथे का यह स्थान महत्वपूर्ण तंत्रिका बिंदु होता है, जिसे चक्र कहते हैं। चक्र सात प्रकार के होते हैं जिनमें माथे का स्थान छठवाँ है। इसे “अजा चक्र” कहा जाता है तथा ये बुद्धिमत्ता एवं नियंत्रण का प्रतीक होता है। धारणा है कि बिंदी शरीर की ऊर्जा को बरकरार रखती है। अजा चक्र की स्थिति को ध्यान में रखें। यही वह जगह है जहां बिंदी/कुमकुम को सही तरीके से लगाया जाना चाहिए। इसके निम्नलिखित वैज्ञानिक कारण उल्लेखनीय हैं-

1.एकाग्रता का केंद्र 

मन को एकाग्र बनाए रखने में यह कई तरीकों से मदद करती है। जैसे शांत रखकर और अनिद्रा को दूर करके। ऐसा माना जाता है कि जब यह बिंदु जाग्रत हो जाता है, तो इंसान ऐसी दुनिया में पहुँच जाता है जिसे शाररिक आँखों से देखना सम्भव नही है। 

2.सिरदर्द से राहत 

एक्यूप्रेशर के सिद्धान्तों के अनुसार, यह बिंदु सिरदर्द से तुरंत राहत पाने की कुंजी है। इसका कारण यह है कि इसमें तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं का अभिसरण होता है, जो इस बिंदु से तुरन्त शांत हो जाते हैं।

3.अनिद्रा दूर करती है 

आप उस बिंदु पर जहाँ बिंदी लगाते हैं, यह बिंदी न केवल आपके मन को शांत करती है बल्कि आपके चेहरे, गर्दन, पीठ और ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को आराम देती है। जिससे अनिद्रा को दूर करने में सहायता मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार अनिद्रा के सबसे सामान्य कारणों में से एक मानसिक तनाव, थकान और अति क्रियाशील मन है। अनिद्रा से राहत पाने के लिए दैनिक आधार पर कुछ सैकंड के लिए इस बिंदु को दबाएं। 

4.आँखों की मांसपेशियों के लिए अच्छा

माथे का केंद्र बिंदु सीधे स्प्रट्र्रोक्लियर तंत्रिका से जुड़ा होता हैै। जिसमें तंत्रिकाओं के फाइबर होते हैं, जो आंखों और त्वचा की मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखती  हैं। यह तंत्रिका उन सभी मांसपेशियों से जुड़ी हुई है, जो आपकी आंखों के चारों ओर घूमती हैं, जिससे उन्हें आसानी से अलग-अलग दिशाओं में देखने में मदद मिलती है। यह मांसपेशियां भी आपकी आँखों के आकार को बदलने के लिए महत्वपूर्ण हैं, ताकि आप दोंनो चीजों को (पास और दूर) अधिक स्पष्ट रूप से देख सकें। 

5.स्वस्थ मांसपेशियाँ एवं चेहरा

इस बिंदु को उत्तेजित करने के सबसे आश्चर्यजनक लाभों में से एक यह है कि यह चेहरे की मांसपेशियों को उत्तेजित करके सभी मांसपेशियों को रक्त प्रवाह के लिए एकत्रित करती है। यह क्रिया मांसपेशियों की कठोरता को बनाए रखने में मदद करती है, त्वचा को पोषित करती है एवं त्वचा को और अधिक स्वस्थ और झुर्रियों को अधिक समय तक मुक्त रखती है। 

Juhi Singh

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